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ऐतिहासिक - सांस्कृतिक - राजनैतिक

राजस्थान प्रांत के पाली जिले का गोडवाड़ क्षेत्र पूर्व में परशुराम महादेव से पश्चिम में दुजाणा तथा उत्तर में जवाली से लेकर दक्षिण में नाना स्टेशन तक फैला हुआ है। गोडवाड़ पाली जिले का समृद्ध इलाका है एवं व्यापार कृषि-खनिज सम्पदा त था संस्कृति का सलोना संगम है।

गोडवाड़ के नामकरण के सम्बन्ध में अपने अपने मत व कई किंवदन्तियाँ है परन्तु जनश्रुतियाँ भी इतिहास के निर्माण में अपनी अहम् भूमिका रखती है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

इतिहासकारों अनुसार यह क्षेत्र धुर पौराणिक काल में भी विशिष्ठ रहा है। इस समय यह इलाका अर्बुदाचल क्षेत्र में आता था। इस क्षेत्र में भगवान महावीर ने भी विचरण किया है क्योंकि जैन तीर्थ माला अनुसार नाणाग्राम में भगवान महावीर के जीवन काल में स्थापित मंदिर है। जिसकी पुष्टि १३वीं व १४ वीं शताब्दी के शिलालेख करते है। जैन साहित्य में यह उक्ति प्रसिद्ध है।

नाणा दीयाणा नांदिया, जीवतं स्वामी वांदिया ॥

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